सदियों में एक बार मिलता है ऐसा अधिकारी अकेले पुरे बिहार का कमान संभाले हुए है..

ips gupteshwar pandey

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, जो कोरोना जैसी गंभीर बीमारी में पुरे बिहार पुलिस का हौसला बढ़ाए हुए हैं हर दिन वह जिस तरह सोशल मीडिया से जनता से रूबरू होते हैं वह कबीले तारीफ़ है उनकी संघर्ष की कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत हो रही है,बच्चा हो या बूढ़ा आज हर इंसान के जुबान पर सिर्फ एक ही नाम है वह है बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का बड़ी मुश्किल से उन्होंने ये नाम पाया है। बेहद इमानदार, सीधा-सादा और सरल व्यक्तित्व, हमेशा होठों पर मुस्कान,एक फ़ोन से लोगों की समस्या को ख़त्म कर देने वाला यह भारत के इतिहास में पहला अधिकारी होगा और जो अपने सहयोगियों- कर्मियों के साथ मधुर संबंध रखना बखूबी जानते हैं और साथ साथ काम में जो कोताही बरतते हैं उनके लिए लिए एक कड़क पुलिस ऑफिसर के रूप में जाने जाते हैं बिहार डीजीपी।

चौकीदार गणेश को दिलाया था इंसाफ

अररिया में जब एक ASI और कृषि अधिकारी ने गणेश के साथ बदसलूकी की तब पुरे देश में बिहार का नाम ख़राब हुआ था उसी वक़्त इस मामले को संज्ञान में लेते हुए बिहार डीजीपी ने गणेश से बात कर उसे इन्साफ दिलाया था.

जबसे लॉकडाउन हुआ है देश तबसे बिहार डीजीपी ने पुलिस के साथ साथ बिहार की जनता को अपना दोस्त बना कर हमेशा जागरूक भी कर रहें है की लॉकडाउन का पालन करें।और उनकी इस अपील का असर पुरे बिहार में वयापक तौर पर देखा जा रहा है. आज पूरा बिहार गुप्तेश्वर पांडेय के साथ क्रोना से जंग जितने में एक साथ खरा है.

lockdown 3.0 में भी बिहार के डीजीपी ने बिहार के लोगों को एक सन्देश दिया था

बिहार में स्मार्ट पुलिसिंग की स्थापना गुप्तेश्वर पांडेय ने ही की है और इस चीज के लिए वह पुरे बिहार में जाने जाते है और शराबबंदी अभियान के हीरो के रूप में भी वो जाने जाते हैं,जब पुरे बिहार में शराब बंदी एक मजाक लगता था उस अभियान को लेकर बड़े स्तर पर बिहार डीजीपी ने दिन रात एक कर दिया। बड़े समूह में जाकर वह नशाबंदी और शराबबंदी के खिलाफ लोगों को जागरूक करते आए हैं.

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