बिहार में खुल गए सभी रेस्टोरेंट किताब की दुकान भी लॉकडाउन से बाहर

food delivery in patna

पटना में रेस्टोरेंट होम डिलीवरी कर सकते हैं। डीएम कुमार रवि ने यह आदेश जारी किया है। रेस्टोरेंट को होम डिलीवरी की छूट रोजाना दी गई है। वहीं, किताबों की दुकान भी तीन दिन खुल सकती हैं। डीएम कुमार रवि ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देश के तहत छूट दी गई है। अकेले रह रहे लोगों को भोजन की दिक्कत हो रही थी। रेस्टोरेंट का भोजन घरों तक पहुंचाने के दौरान नियमों का पालन करना होगा। रेस्टोरेंट सेनेटाइज करने होंगे। डिलीवरी ब्वॉय के पास मास्क और सेनेटाइजर भी जरूरी है।

वहीं, किताबों की दुकान पर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। दुकानदार और ग्राहक दोनों को मास्क लगाना होगा। दुकान पर भीड़ न हो इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। ग्राहक को सामान लेने के पहले हाथ को सेनेटाइज करना होगा। इसके लिए दुकानदार को सेनेटाइजर की व्यवस्था करनी होगी। डीएम ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों को खोलने का निर्देश दिया गया है उनके  संचालकों को नियम का पालन करना होगा। यह देखना होगा कि किसी भी हालत में दुकानों पर भीड़ न लगे।  

पटना में क्वारंटाइन सेंटर बढ़कर 112 हुए

पटना जिले में प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, इसीलिए प्रशासन ने क्वारंटाइन सेंटरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब पटना में 112 क्वारंटाइन सेंटर स्थापित कर दिये गए हैं। हालांकि वर्तमान समय में केवल 52 क्वारंटाइन सेंटर में ही प्रवासी रह रहे हैं। संख्या बढ़ने पर अन्य सेंटरों पर भेजे जाएंगे।

 प्रवासियों की संख्या बढ़ते देख प्रशासन ने पहले से ही तैयारी  शुरू कर दी है। डीएम कुमार रवि के निर्देश पर पिछले सप्ताह ही अधिकारियों ने क्वारंटाइन सेंटर का सर्वे कर लिया था। स्थलीय निरीक्षण करने के बाद 112 पर मुहर लगा दी गई। वहीं, प्रवासियों के लिए भोजन के अलावा मास्क एवं दिनचर्या से जुड़ी वस्तुओं की किट उपलब्ध करायी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाहर से आने वाले प्रवासियों का हेल्थ चेकअप भी हो रहा है। क्वारंटाइन सेंटर के नोडल प्रभारी विनायक मिश्रा ने बताया कि सभी सेंटर तैयार कर दिये गए हैं। ज्यादातर स्कूलों में क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। वहां हर प्रकार की सुविधा है, ताकि प्रवासियों को परेशानी नहीं हो। कुछ जगहों पर शिकायत थी, उसे दूर कर लिया गया है। क्वारंटाइन सेंटर पर व्यवस्था की जिम्मेदारी बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारी को दी गई है। पंचायत प्रतिनिधियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इधर, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली इत्यादि राज्यों से मजदूरों का आना जारी है। वर्तमान में क्वारंटाइन सेंटर में 3500 मजदूर रहे हैं।

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