बिहार में बैंक खाता नहीं हुआ तो मदद से होना होगा वंचित

प्रवासी बिहारियों की मज़बूरी कम होने का नाम नहीं ले रही है घर वापसी के लिए सरकार राजी हो गई लेकिन एक नया मामला है मजदुर को आर्थिक मदद देने का सरकार एलान कर चुकी है लेकिन अब सरकार प्रवासियों को पैसे देने में ना नुकुर कर रही है। सरकार ने अब एक नया आदेश जारी करते हुए यह घोषणा कर दी है कि आर्थिक मदद केवल उन्हीं प्रवासियों के बैंक खाते में जाएगी जिनका अकाउंट बिहार के अंदर होगा। सरकार ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जिन प्रवासियों का बैंक खाता बिहार के बाहर होगा उन्हें सरकारी मदद नहीं मिलेगी।

सरकार के इस नए फैसले को आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत बताया है। प्रत्यय अमृत की तरफ से सभी जिलों के डीएम को यह सुचना दे दिया गया है कि वह नए गाइडलाइन को फॉलो करें। सभी डीएम को कहा गया है कि प्रवासियों को रेल किराए के अलावा 500 रुपये या कम से कम एक हजार की रकम बैंक खातों में दिया जाना है लेकिन तथ्यों पर विचार के बाद यह फैसला लिया गया है कि यह फैसला केवल उन्हीं प्रवासियों को दिया जाएगा जिनका बैंक अकॉउंट बिहार में है।

सरकार के इस नए फैसले के बाद यक़ीनन बहुत आबादी में प्रवासी मजदुर आर्थिक मदद से वंचित हो जाएंगे, क्युकी उनमे से बहुत लोग बाहर रहते थे और उनका बैंक खाता भी बाहर का ही है। यह गरीब मजदुर जिन राज्यों में काम कर रहे थे उसी जगह उन्होंने बैंक खाते खुलवा रखे हैं। ऐसे में बिहार के अंदर इनका बैंक अकाउंट होना एक मजाक ही है और ये सरकार की मनसा को दिखाता है की वह इन गरीब मजदुर के साथ नहीं है,नितीश कुमार पहले से अपने सुस्त रवैये के कारण बिहार में कोरोना को रोकने में असफल रहें है.

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