lockdown 4.0 क्या खुले रहेंगे क्या बंद रहेंगे जाने

lockdown 4.0

लॉकडाउन का तीसरा फेज खत्म होने से महज छह घंटे पहले केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस बार आर्थिक गतिविधियों को लेकर शर्तों के साथ कई तरह की छूट भी दी है।

गृहमंत्रालय की ओर से रविवार शाम जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, कर्मचारी अब ऑफिस जा सकते हैं। फैक्ट्री और औद्योगिक इकाइयों को खोलने की भी छूट मिल गई है। हालांकि, जहां तक संभव हो वर्क फ्रॉर्म होम को जारी रखने को कहा गया है। 

  • अगर राज्य सरकारों के बीच आपसी सहमति बन जाती है तो दो राज्यों के बीच यात्री बसों और गाड़ियों की आवाजाही हो सकेगी।
  • सरकारें अपने स्तर पर फैसला कर राज्यों के अंदर भी बसें शुरू कर सकेंगी।
  • स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम खुल सकेंगे, लेकिन दर्शकों की इजाजत नहीं होगी।
  •  रेस्टोरेंट्स खुल सकेंगे लेकिन यहां से सिर्फ होम डिलिवरी की जा सकेगी। यानी ग्राहक रेस्टोरेंट्स में बैठकर खाना नहीं खा सकेंगे।
  • सिर्फ वही होटल चालू रहेंगे, जहां हेल्थ, पुलिस, गवर्नमेंट ऑफिशियल्स, हेल्थ वर्कर्स और लॉकडाउन की वजह से फंसे पर्यटक रह रहे हैं।
  • बस डिपो पर चलने वाले कैंटीन, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट्स पर चलने वाली खाने-पीने की दुकानें खुली रहेंगी

31 मई तक क्या बंद रहेगा?

  • अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्री उड़ानें बंद रहेंगी। मेट्रो रेल भी अभी शुरू नहीं होंगी।
  • सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल बंद रहेंगे।
  • स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन, ट्रेनिंग, कोचिंग इंस्टिट्यूट भी 31 मई तक बंद रहेंगे। ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग चलती रहेगी।
  • होटल और बार बंद रहेंगे। 
  • हर तरह के राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक कार्यक्रमों और जमावड़ों पर रोक जारी रहेगी।

ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन अब राज्य खुद तय करेंगे

  • राज्य सरकारें खुद ही ग्रीन जोन, ऑरेंज जोन और रेड जोन तय करेंगी। उन्हें सिर्फ केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय के पैरामीटर्स का ध्यान रखना होगा। 
  • रेड और ऑरेंज जोन के अंदर जिला प्रशासन कंटेनमेंट जोन और बफर जोन तय करेगा। 
  • कंटेनमेंट जोन में पहले की तरह सिर्फ जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। 
  • इन जोन्स के अंदर या बाहर लोगों की आवाजाही न हो, इसका सख्ती से पालन करना होगा। 
  • कंटेनमेंट जोन के अंदर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और घर-घर जाकर सर्विलांस बढ़ाना होगा।

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