सदी के सबसे बड़े प्रेम कहानी का सबसे बुरा अंत हुआ

juli matuknath

वो वक़्त था 2006 का जुली और मटुकनाथ देश के हर घर में चर्चा का विषय बने हुए थे.चर्चा का विषय सिर्फ उनके प्रेम का नहीं था.इसका सबसे कारण था दोनों के बिच उम्र के उस फासले का जो आमूमन बहुत कम ही प्रेम प्रसंग में देखने को मिलता है.मटुकनाथ शादीशुदा थे उनके बच्चे भी थे और एक परिवार फिर भी था लेकिन मटुकनाथ ने सभी रिश्तों को छोर कर जुली से प्रेम किया और समाज के सामने स्वीकार भी किया,इस कारण से उनकी छवि परिवार को धोखा देने वाले एक रंगीन मिजाज उम्रदराज आशिक़ की बन गई थी.

जुली मटुकनाथ हर जगह एक साथ हांथों में हांथ डाले नजर आते थे क्या वह प्रेम था या सिर्फ एक पौरुष मन की चाहत थी जिसे सिर्फ भोग से मतलब था .ये सवाल इसलिए भी उठता है क्यों की अब हर चीज बदल गया है न जुली अब उतनी हसीन रह गई न दोनों के बिच का प्रेम अब जिन्दा है.वर्तमान में जूली इस समय वेस्टइंडीज के त्रिनिदाद में मौत से कुछ फासले पर ही है गंभीर मानसिक रूप से बीमार होने के कारण मौत के दहलीज पर खरी है और मटुकनाथ जूली को भारत लाने से इंकार कर दिया है और कहा मेरे पास इतने पैसे नहीं है.

खुद को भोगी करार देते हुए यह भी इच्छा जता रहे है की अगर जुली के अलावा कोई और भी प्रेमिका आए तो वह उसे भी स्वीकार कर लेंगे क्यों की मटुकनाथ ने खुद की तुलना कृष्ण से की तो जुली को राधा माना है.इस घटना से मटुकनाथ का वो चेहरा सबके सामने आ गया है जिसे वो वर्षों से छुपा कर बैठे थे.

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