तेजस्वी यादव ने 23 फरवरी से ‘बेरोजगारी हटाओ पदयात्रा’लॉन्च किया।

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पटना: राज्य विधानसभा चुनाव में आठ महीने से भी कम समय है.हर दल के नेता मैदान में अब दिख रहे है इसी बिच तेजस्वी यादव 23 फरवरी से “बेरोजगारी हटाओ पदयात्रा” शुरू करने वाले है.इस पदयात्रा से पार्टी अपने विस्तार की नए अवसरों की तलाश कर रहा हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी, जो राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, अपने राज्यव्यापी दौरे के दौरान राज्य के लगभग हर उप-विभाजन को कवर करने की योजना बनाई है। 2019 के लोकसभा चुनावों में अपने खराब प्रदर्शन के बाद, राजद तेजस्वी को राज्य की राजनीति में बिहार के सीएम नीतीश कुमार के विकल्प के रूप में पेश करने के लिए संघर्ष कर रहा है। राजद की समस्या यह है कि 2019 के चुनाव का परिणाम के बाद राजद का अपना वोट बैंक भी राजद से शिफ्ट हो रहा है और यह वोट अन्य दल के पास जा रहा है और यादव मतदाताओं के बीच तेजश्वी की लोकप्रियता भी कम है होती दिख रही है.और कन्हैया का राज्य में उदय होना यह साफ़ दिखा रहा है की राजद अपना जनाधार खो रही है.

आने वाले विधानसभा चुनावों में बेरोजगारी को एक राजनीतिक मुद्दे के रूप में चुना। राज्य में ओबसी और एससी मतदाताओं के बीच सामाजिक आधार का विस्तार किए बिना राजद सत्ता में वापस नहीं आ सकती। राजद के एक बड़े नेता ने बताया कि ‘फिरोजगारी हटाओ पदयात्रा’ तेजश्वी को जमीनी स्तर पर युवाओं से सीधे जुड़ने में मदद करेगी।

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