मोदी-योगी ने किया कमाल देश में अब सोना ही सोना होगा

सोनभद्र उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला है और पश्चिम में मध्य प्रदेश सहित देश के 4 राज्यों की सीमा का एकमात्र जिला है, पूर्व में बिहार, दक्षिण में छत्तीसगढ़, दक्षिण-पूर्व में झारखंड है। हालांकि, यही एकमात्र कारण नहीं है कि सोनभद्र कई वर्षों से ध्यान का केंद्र रहा है।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में सोना मिलने की खबर के साथ ही यह बात तय मानी जा रही है कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में खनिज के मामले में मिर्जापुर जिला नंबर 1 स्थान पर आ चुका है भूतत्व वैज्ञानिकों का मानना है कि सोना ही नहीं यहां बल्कि यूरेनियम जैसे बहुमूल्य तत्व भी मिलने की पूर्ण संभावना है। पिछले 8 वर्षों से लगातार कड़ी मेहनत के बाद तीन हजार टन सोना मिला है. यह सोना जमीन के अंदर दबा हुआ है. राज्य के खनिज विभाग ने सोने का पता लगाया है. जल्द ही इस सोने को निकालने का काम शुरू कर दिया जाएगा.

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम पिछले 15 साल से यहां काम कर रही थी. टीम ने आठ साल ही पहले जमीन के अंदर सोना होने की पुष्टि कर दी थी. यूपी सरकार ने अब तेजी दिखाते हुए सोने को बेचने के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है. गांव की पहाड़ियों के पास मिला सोने का भंडारबता दें कि वर्ष 2005 से जीएसआई की टीम सोने की तलाश के लिए काम कर रही थी.

टीम ने गहन अध्ययन करने के बाद सोनभद्र में सोना होने के बारे में बताया था और वर्ष 2012 में इस बात की पुष्टि भी कर दी थी. टीम ने बताया था कि सोनभद्र की पहाड़ियों में सोना मौजूद है. जीएसआई के अनुसार हरदी क्षेत्र में 646.15 किलोग्राम सोने का भंडार है वही सोन पहाड़ी में 2943.25 टन सोने का भंडार है.दो गांव की 22 फरवरी तक होगी जियो टैगिंग


यूपी सरकार ने तेजी दिखाते हुए सोने के ब्लॉक के आवंटन के संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी है. बता दें कि सोनभद्र के कोन क्षेत्र के हरदी गांव में और महुली क्षेत्र के सोन पहाड़ी में सोने का एक बड़ा भंडार मिलने की पुष्टि हो चुकी है. ई-टेंडरिंग के माध्यम से ब्लॉकों के नीलामी के लिए शासन ने सात सदस्यीय टीम भी गठित कर दी है. यह टीम पूरे क्षेत्र की जिओ टैगिंग करेगी और 22 फरवरी, 2020 तक अपनी रिपोर्ट भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लखनऊ को सौंप देगी.

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