बच्चों की मासूमियत, हमारे गुल्लक की पैसे योगी और मोदी तक पहुँचा दिजीये प्लीज..

उत्तर प्रदेश के कानपुर में लॉक डाउन के मद्देनजर गश्त कर रहे सिपाहियों को रोककर कुछ मासूम बच्चों ने अपनी-अपनी गुल्लक भेंट कर दी। मासूमों ने अपील की कि इन गुल्लकों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा दो, जिससे कोरोना से लड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि हम अपना सारा पैसा देने को तैयार हैं और देश व प्रदेशवासियों को पीएम और सीएम बचा लें।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में लॉक डाउन के मद्देनजर गश्त कर रहे सिपाहियों को रोककर कुछ मासूम बच्चों ने अपनी-अपनी गुल्लक भेंट कर दी। मासूमों ने अपील की कि इन गुल्लकों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा दो, जिससे कोरोना से लड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि हम अपना सारा पैसा देने को तैयार हैं और देश व प्रदेशवासियों को पीएम और सीएम बचा लें।
मिली जानकारी के अनुसार कानपुर के थाना कल्याणपुर के अंतर्गत रावतपुर गांव में जब पुलिस लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए गश्त पर पहुंची, तो लोगों ने फूल माला और नाश्ते का सामान देकर उनका स्वागत किया।

लेकिन इसी बीच कुछ मासूम बच्चे वहां पहुंचे और अपनी गुल्लक में इकट्ठा किए हुए पैसे पुलिस कर्मियों को थमा कर उसे मुख्यमंत्री राहतकोष में देने की अपील की।

बच्चों के इस समपर्ण को देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान नन्हे-मुन्हे बच्चों से जब बात की गई तो उन्होंने जो बाते कहीं वो हर किसी के दिल को छू गई।

8 साल की बच्ची गीत ने बताया कि कोरोना से पूरा देश लड़ रहा है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी चाहिए। गीत ने कहा कि वो अपनी सेविंग के पैसे राहतकोष में इसलिये दे रही है ताकि कोरोना से लड़ा जा सके।

वही मासूम वैभव को लॉकडाउन के चलते गांव में फंसे अपने पापा की चिंता सता रही है, राहत कोष में दान देने के लिए अपनी गुल्लक लेकर पहुंची वैभव ने कहा कि मोदी और योगी अंकल मेरी सेविंग के पैसे ले लीजिए और जल्दी से कोरोना को खत्म कर के सबको ठीक कर दीजिए, मेरे पापा की दवा खत्म हो गई है और वो लॉकडाउन की वजह से दवा लेने नहीं आ पा रहे हैं।

5 वर्षीय मासूम आलोक ने कहा कि वो अपनी सेविंग के पैसे इसलिए दे रहा है क्योंकि बहुत से लोग भूखे सोते है, तो उसके पैसों से कुछ लोगों को खाना मिल जाएगा। यह सब देख मौके पर मौजूद इलाकाई लोग भावुक हो गए तो वहीं पुलिस भी अपनी भावनाओं छिपा न पाए।

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